कच्ची कविताएं !! जैसे कच्चा आम, कच्ची मिट्टी, कच्चे रास्ते ..जिनमे सुधार किया जा सकता है, कुछ बदलने की संभावनाएं रहती है । मेरी कविताएं भी कुछ ऐसी ही हैं जो पूर्ण नहीं है परिपक्व नहीं है। आप इनको सुनिए अच्छी लगे तो दुबारा सुनिए हर बार एक नया नजरिया मिलेगा।
Copyright 2021 Rahul Shrivastava
Sign up to track rankings and reviews from Spotify, Apple Podcasts and more.